बुधवार, 5 मई 2010

मिल गयी आज देव बाबा को चाय और वाय दोनो....

सो देव बाबू को चाय की तलब थी... पिछली पोस्ट (एक बढ़िया सी अदरक वाली चाय पिलाओ) में चाय की तलब और हमारी एक अकेली कमज़ोरी चाय... के बारे में आप लोगों को बताया...
क्या बताऊं साहब.... आप लोगों ने बहुत प्रेम से मुझे चाय पर बुलाया, मन बहुत प्रसन्न हुआ और देव बाबा को तो आप प्रेम से बुलाईए... एक प्याली चाय और आपके प्रेम के लिए कहीं भी आएंगे.... वैसे आज चाय भी मिली और वाय भी... लीजिए कुछ फ़ोटुआ अपलोड कर रहा हूं...

आप लोग भी देखिए.....







वैसे इस चाय के पहले के कुछ दृश्य
घुमंतू ..... इधर उधर फ़िरन्तु देव बाबा ....
















यह वाशी के पुल पर



यह खारघर हिल्स पर से खिची हुई तस्वीर



पूरी दुनिया मेरी मुठ्ठी में .....



जबरदस्ती का स्टायल मार रहे हैं देव बाबा



रास्ता कुछ ऐसा है साहब.. चक्कर घिन्नी एकदम



मेरा हमसफ़र.... मेरी कार.... मैं जहाँ जहाँ बोलता हूँ वहां वहां मुझे ले जाती है...


बोलिए साहब कैसी रही आज की..... घुमंतू देव बाबा घर आये और बढ़िया सी चाय ने स्वागत किया..... वाह वाह... एकदम आदर्श दिन...

-देव

10 टिप्‍पणियां:

शिवम् मिश्रा ने कहा…

बोलिए श्री श्री श्री १०००८ देव बाबा की जय !!

Udan Tashtari ने कहा…

सच में जय हो देव बाबा की..एक चाय पर पूरी महफिल सजा मारी. गजब आईटम हो भई.

संजय भास्कर ने कहा…

चाय की तलब और हमारी एक अकेली कमज़ोरी चाय.

संजय भास्कर ने कहा…

बहुत खूब, लाजबाब !

मो सम कौन ? ने कहा…

जय हो देव बाबा की!
चाय के साथ वाय भी, क्या बात है!

कुश ने कहा…

हम तो अभी भी चाय पी रहे है.. बहरहाल वाय का इंतज़ार है..

यशवन्त मेहता "फ़कीरा" ने कहा…

मियां हम एक कप चाय बनाने ही जा रहे थे कि आपकी ये पोस्ट देखी
हम भी चाय के दीवाने हैं
क्या कीजियेगा, चाय हैं ही ऐसी........

रवि कुमार, रावतभाटा ने कहा…

चाय आप पीते रहिए देव बाबा...
हमें वाय पहुंचा दीजिए...

M VERMA ने कहा…

चाय नज़र आयी पर वाय नही ---

देव कुमार झा ने कहा…

हा हा... भाई लोगों मजा आ गया कमेण्ट्स देखकर...
कितने सारे चाय के निमंत्रण मिले और कितनें सारे उत्तर.

वाह वाह...