रविवार, 20 जून 2010

ब्लाग जगत पर देव बाबा की सौवी पोस्ट :-) बोलो देव बाबा की जय

लाईव रिपोर्ट :- वाराणसी-सूरत एक्सप्रेस
(बारात इस ट्रेन से भुसावल उतरेगी, फ़िर औरंगाबाद के लिए सडक मार्ग से जाना होगा)

यार शादी के दिन दुल्हा किसी कठपुतली से कम थोडे ही होता है, कोई कहेगा उठो.. कोई कहेगा बईठो... हर आम और खास को पूरा अधिकार है की वह दुल्हे के साथ कोई भी जबरदस्ती करे, दुल्हा किसी भी तरह से मना नहीं करेगा। उसकी इत्ती जुर्रत... जो मना कर लें... आज के दिन देव बाबा नें जो झेली है बबुआ... ज़िन्दगी भर नहीं भूलेंगे। अभी तो कल का शादी का दिन बाकी ही है और आज की झेल ही गले के उप्पर आ गई बे। फ़िलहाल ए सी डिब्बे में बाराती जमा हैं और बरियाती सो चुका है। एकदम महादेव का बरियाती है भाई... और देव बाबा तो फ़िर देव बाबा ही हैं। वईसे दिन भर की झेल के बाद ए सी डिब्बा में लैपटाप का प्वाईंट देख कर देव बाबा अपनें आप को रोक नहीं पाए और फ़िर शुरु हो गये अपनी आप बीती दुनियां को सुनानें।

अब साहब बारातियों के सोनें के बाद भी देव बाबा का दिमाग अभी भी जाग रहा है, अब यह उलझन भले आनें वाले कल की चिन्ताओं से हो या फ़िर कुछ और... परन्तु कल की चिंता को कल देखेंगे फ़िलहाल तो आज की चिंता की जाए। ए सी डिब्बे में हमेशा से एक विशेष प्रकार की सुविधा मौजूद होती है और वह है कोच एटेंडेंट, यह आपकी लानतें ले सकता है और आप भी अपनें किसी भी परेशानी के लिए उस को गरिया सकते हैं। यह दिव्य प्राणी झक मार कर भी आपकी सेवा में उपलब्ध रहेगा और ना चाहते हुए भी आपकी लानतें सहेगा। जईसे अभी देव बाबा नें बोला... अबे ए सी ठंडा नहीं कर रहा है, ई वाश बेसिन इत्ता गन्दा काहे है बे, इसको काहे नहीं साफ़ करते हो। वगैरह वगैरह... बिचारा देव बाबा के सामनें नत-मस्तक था और उस बेचारे पर अपनें धमकियानें का असर दिखते देख देव बाबा भी खुशी से फ़ूले नहीं समा रहे थे।

भारतीय रेलवे भी वाकई में अजीब अजीब मंज़र दिखा देता है,कभी कभी आपको कुछ ऐसे आईटम भी दिख जाएंगे जिनकी कोई उपमा नहीं। विधाता के संसार की अजीमोशान रचनाएं, अजीब टाईप के आईटम... अभी हमारे साथ ए सी डिब्बें में चौबीस लोग हैं और पंगा यह हुआ की ६ लोगों की टिकट कन्फ़र्म हुई बी-२ में और बाकी की बी-३ में। अब साहब ६ लोगों के लिए डब्बा चेंज करना था। टीटी बोला आप देख लीजिए... अभी साहब सारे बंदोबस्त ट्राई कर लिए और कोई इंतजाम नहीं हुआ। वह कहते हैं ना की हिन्दुस्तानी नारी की जय... और फ़िर आज तो भारतीय नारी का एक अलग ही रुप देखनें को मिला।

दो दो के ग्रुप में चार औरतें, दो अधेड उम्र की और दो कम उम्र की... शायद बहनें हैं और बनारस में किसी बारात को अटेंड करके आ रहे हैं। इन लडकियों नें हमसे कहा की हमारी दो दो टिकटें अलग अलग कूपों में है तो क्या आप हमसे चेंज़ ले लेंगे। अब साहब हमनें भरसक प्रयास किये की यह हिन्द की नारियां हमसे ४ के बदले ६ सीटे लें लें और बी-३ की जगह बी-२ में चली जावैं। मगर साहब एक बन्दी नें सारा खेल बिगाड दिया। ई गोरकी सब्बे लोकनी के हरान कई देहलस.... अबहीं उपरे की सीट पर शकीरा का गाना सुन रही है, अऊर ओकरे आई-पोड की आवाज इहां तक आ रही है बे। गजब की आईटम है बे।

अबहीं हमरे मामा ईहां से एक बोगी दूर हैं और ईहां देव बाबा इन्ही हिन्द की नारियों के साथ कूपें में अपनी आपबीती आपको सुना रहे हैं।
बोलो जय नारी... जय हिन्द की नारी।

-देव

9 टिप्‍पणियां:

सैयद | Syed ने कहा…

झेल लो देव बाबा... :)

शिवम् मिश्रा ने कहा…

तुम जरूरे पिटबे करोगे ....................शादी करने जा रहे हो और फिर भी इधर उधर देखने से बाज़ नहीं आये ............सुधर जाओ भाई ! बहुरिया छोड़ेगी नहीं जो पता चल गया उसको तुम्हारी हरकतों के बारे में ! वैसे का बोले थे तुम ................."गजब की आईटम है बे।" बेटा बेभाव की पड़ेगी !!

शिवम् मिश्रा ने कहा…

१०० वी पोस्ट ही बहुत बहुत बधाइयाँ ! लगे रहो देव बाबा ................बोलो देव बाबा की .......जय !

Stuti Pandey ने कहा…

ई तो हद्द है एकदम! बियाह करने जा रहे हैं और ब्लॉग लिख रहे हैं?? दुल्हनिया से पहिलके दिन पिटईयेगा का? लक्षण वही दिख रहा है. और जहाँ तक नारी का सवाल है...उ तो हइये है, हमनी सब की जय!!

बी एस पाबला ने कहा…

जब सभी आपके पिटने की बात कर रहें हैं तो हम भी पीछे क्यों रहें :-)

"गजब की आईटम है बे।"

हा हा हा
पक्का ही पिटोगे !!!

राम त्यागी ने कहा…

haha ...i can't stop myself laughing ...majedaar and anokhi shaadi yaar ...live shadi ki report chal rahi hai ..awesome !!

राम त्यागी ने कहा…

are haa ...congrats for 100th post ...aur ek yaadgaar post

Vivek Rastogi ने कहा…

क्या बात है, लाईव रिपोर्टिंग चल रही है, अक्सर ऐसे यात्री मिल जाते हैं जो परिस्थितियों के अनुरुप सीट नहीं बदलते हैं।

और सौवीं पोस्ट की बधाई।

रंजना ने कहा…

वाह...क्या कहने इस ठेठ अंदाज के...मन प्रमुदित हो गया भैया...लाजवाब बरनन !!!!