गुरुवार, 6 मई 2010

मैनेजर पटेगा.... टेंशन घटेगा और मैनेजर उखडेगा.. लाईफ़ का नक्शा बिगडेगा.

लीजिये भाई लोगों, देव बाबू घर वापस आ गए... आज की दिहाडी भी खत्म हुई । आज एक प्रश्न पूछ रहा हूं.... उत्तर एकदम ठीक ठीक तरीके से देना...

अगर मैं कहूं की मैं फ़लां फ़लां कम्पनी में काम करता हूं... तो कितने प्रतिशत सत्य होगा? और कितने प्रतिशत झूठ ? मेरे हिसाब से तो १००% झूठ होगा... ससुरा... मैं तो मैनेजर के लिए काम करता हूं.... मेरे को कम्पनी से क्या लेना देना । सुना कम्पनी का मुनाफ़ा जोरो पे है... मेरे से क्या? यार मेरा एक बात मानना है की कोई भी बन्दा कम्पनी नहीं छोडता... वह अपनें मैनेजर को छोडता है । क्योंकी वह हमेशा अपनें मैनेजर के लिए ही तो काम करता है.. हा हा!! मजाक लग रहा है क्या... अबे सही कह रहा हूं... जो मेरे से सहमत हैं.... उन्होनें मेरी बात समझ ली होगी.... जिन्होनें नहीं वह मेरे को मेल कर देना भाई.... कुछ उदाहरण भेज दूंगा समझ में आ जायेगा :)

मैनेजर पटेगा.... टेंशन घटेगा और मैनेजर उखडेगा.. लाईफ़ का नक्शा बिगडेगा.
कोनो कम्पनी हो...
ससुरा नियम एकदम फ़िट है....

बोलो कैसी कही....? कुछ जोड़ना हो तो जोड़ दीजिये.... बस मैं तो भैया वो वाली किताब ले आया हूँ... १०१ तरीके मैनेजर को पटाने के.... कुछ अच्छा मिलेगा तो फिर आप लोगों को भी बताऊंगा.... अभी के लिए तो इतने से ही काम चलाओ...

-देव

6 टिप्‍पणियां:

मो सम कौन ? ने कहा…

देव बाबा,
हमारे मैनेजर तो हमें पटाने में लगे रहते हैं, हम खुशकिस्मत हैं न?
खैर बताना कुछ तरीके हमें भी, आज नहीं तो आगे कभी काम आयेंगे।

honesty project democracy ने कहा…

आज की चाटुकारिता के युग का सचित्र वर्णन / विचारणीय विषय चुना आपने /

शिवम् मिश्रा ने कहा…

सही बोले भाई ............. कम्पनी में साला कौन अपने को जानता है, वो तो यही मैनेजर ना है खून चूसने वाला !!

Vivek Rastogi ने कहा…

जल्दी से १०१ तरीके बताओ भई

देव कुमार झा ने कहा…

@विवेक जी, एक तरीका तो आज पोस्ट किया है... बाकी गुरु मंत्र भी अगली पोस्ट में एक साथ डाल दुंगा.

संजय भास्कर ने कहा…

विचारणीय विषय