शुक्रवार, 9 जुलाई 2010

देव बाबा डेडिकेटेड रहेंगे.... ब्लागिंग और अपने परिवार दोनों के प्रति....:)

मनीषा जी तो भाई अभी बनारस में हैं और देव बाबा मुम्बई में हैं... सच कहें साहब तो आज कल मोरे पिया गए रंगून किया है वहां से टेलीफून.... सच हो रहा है.... यार लम्बी जुदाई.... और फिर इसमें आज कल मजा भी आ रहा है... शायद हमसे ज्यादा मजा वोडाफोन वाले को भी आ रहा होगा... ससुरा डेली का दो सौ रुपैया जो दे रहे हैं..... हा हा.... मगर सच है यार.... सोच रहा हूँ रिलायंस ले लूँगा... फ्री काल के लिए... :)

देव बाबा तिन टंगिया मेज़ में प्रहार से थोडा घायल हो गए थे मगर आज कुछ ठीक हैं..... ससुरा बज्ज पुरम पर बकर बकर कर रहे थे और हाथ पैर चला रहे थे... बस हमारी यह हरकत उस तिन टंगिया को पसंद नहीं आई.... और फिर तीन दिन दर्द से बीते.... आज ठीक हैं एकदम.... वईसे बहुत दिनों से इस शनिवार का इंतज़ार था आराम करनें के लिए और कपडे, बर्तन वगैरह धोनें के लिए भी... ही ही.. अबे मजाक नहीं कर रहा हुं। कपडे गन्दे हैं और कल का दिन कपडे धोएंगे :)... एकदम रिन की चमकार लानी हैं कल भाई। किसी को आना हो (मदद करनें या फ़िर डेमो देखनें ) तो फ़िर आ जईयो हमरे घर। और आज कल ब्लागिंग से थोडा दूर हो गये हैं, यार नाईट शिफ़्ट के बाद कहां टाईम है की ब्लागिंग के लिए टाईम निकाला जाए। वईसे ही दिमाग की दशा बिगड जाती है, है की नहीं :)

लीजिए आज एक कविता अपनी घरवाली को समर्पित कर रहा हुं....

जीवन पथ के कठिन सफ़र पर
साथ हमेशा देंगे
कोई सुख हो कोई दुख हो
मिलकर हम सहेंगे.

बाधा चाहे कोई आए
साथ हमेशा देंगे
जीवन पथ की कठिन राह पर
मिलकर हम चलेंगे

तो भाई मेरे जीवन पथ के राही को समर्पित पंक्तिओं के बाद अभी कुछ सीरियस बात भी की जाए.... अब यार बहुत से लोग होते हैं जो शादी होने के बाद दिखाई देना भी बंद कर देते हैं और समाज से एकदम लुप्त हो जाते हैं... मेरी ऐसी कोई इक्छा नहीं है सो यह लाइने मनीषा जी के लिए...

मेरे ब्लागर मित्रों को
सहना तुमको होगा
मेरी ब्लागिंग की आदत को
सहना तुमको होगा

( तो मेरे ब्लॉगर मित्रों देव बाबा डेडिकेटेड रहेंगे.... ब्लागिंग और अपने परिवार दोनों के प्रति....)

-देव

9 टिप्‍पणियां:

संगीता पुरी ने कहा…

अच्‍छी पोस्‍ट .. शुभकामनाएं !!

Jandunia ने कहा…

शानदार पोस्ट

Mahfooz Ali ने कहा…

कविता दिल को छू गयी .... वैरी टची ....

Kunal Bhatia ने कहा…

Thanks for not quitting blogging...

Congrats buddy...Wishing u a very happy married life !!!

शिवम् मिश्रा ने कहा…

यह तुम्हारे लिए बहुत बड़ी मुसीबत की बात होगी अगर एक को भी कम ध्यान दिया गया ! मेरी शुभकामनाएं !

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

जय हो ।
देखें कौन जीतेगा ?

Udan Tashtari ने कहा…

उ दिन एतन चोटिया गये, और हम समझे हल्क फुल्क कोई बात है....अरे राम!!! अब ठीक हुए हो जानकर सुकून मिला.


बकिया तो वादे, देखो..

कहाँ देव बाबू चले जा रहे हैं भागे भागे
देखो क्या गुल खिलेगा अभी आगे आगे


-हम भी यहीं हैं, आप भी यहीं...बाकी तो ब्लॉग बोलेगा!!!

संजय भास्कर ने कहा…

सुंदर भावपूर्ण रचना के लिए बहुत बहुत आभार.
बहुत देर से पहुँच पाया ....माफी चाहता हूँ..

E-Guru Rajeev ने कहा…

.अरे राम!!! अब ठीक हुए हो जानकर सुकून मिला.
हा हा हा
ई चच्चा भी न !!
दो सौ रुपल्ली रोज झोंकोगे तो डेलीकेट (डेडिकेट) तो होइए गये न !!
अब का चाही. :-)