सोमवार, 7 जून 2010

हबीब तनवीर... श्रद्धांजलि


८ जून.... आखिर आज का दिन याद किसके नाम पर रखा जाए यकीनन हबीब तनवीर के नाम पर. एक ऐसा व्यक्ति, जिसने हिंदी और उर्दू नाटक को अंतर-राष्ट्रीय पहचान दी... और दुनिया को यह दिखाया की थियेटर जगत में हिन्दुस्तानी भी किसी गोरे मुल्क से पीछे नहीं... मुझे याद आता है बहुत साल पहले जब मैंने हबीब तनवीर जी से एक संक्षिप्त मुलाकात की थी, वह मंच से उतर रहे थे और मैं अग्रिम पंक्ति में बैठा बस अपलक उनको निहार रहा था... इस उम्र में भी इतनी उर्जा... इतना साहस.... ऐसी रचनात्मकता.... नमन.... हिम्मत ही नहीं पड़ी उनसे कुछ बात कर सकने का साहस जुटा पाने की.... बस उनको निहार कर ही निहाल हो गया....

हबीब तनवीर सबका चहेता था, हिंदी नाटक को ही अपनी कर्मस्थली मानने वाले और थियेटर के लिए सम्पूर्ण जीवन समर्पित करने वाले हबीब को शायद दुनिया कभी भूला नहीं पाएगी.... एक नमन उस पुरोधा को जिसने उर्दू और हिंदी नाटक को बुलंदियों तक पहुचाया |


श्रद्धा सुमन समर्पित तुमको
हे कलम के अमर पुजारी
पूरा देश याद तुम्हे करता..
अमर कालजयी रचना तुम्हारी
हे कलम के अमर पुजारी
हे कलम के अमर पुजारी


आखर की एक लिंक यहाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ...... आज प्रथम पुण्य-तिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि....

-देव

(चित्र गूगल से साभार)

15 टिप्‍पणियां:

शिवम् मिश्रा ने कहा…

हबीब तनवीर जी, आदित्य जी, नीरज पुरी जी, और लाड सिंह गुज्जर जी को सभी मैनपुरी वासीयों की ओर से अश्रुपूरित श्रद्धांजलि |

खुशदीप सहगल ने कहा…

हबीब तनवीर साहब अंतरराष्ट्रीय स्तर की हस्ती थे...
आगरा बाज़ार और चरणदास चोर, ये हबीब साहब के ऐसे दो नायाब काम है, जो बताते हैं कि वो किस दर्जे के रंगकर्मी थे...छत्तीसगढ़ के आदिवासियों को वो अपने दिल के सबसे ज़्यादा करीब मानते थे...रायपुर उनकी जन्मभूमि होने की वजह से छत्तीसगढ़ में पहली पुण्यतिथि पर खास तौर पर याद किया जाना चाहिए...

जय हिंद...

Udan Tashtari ने कहा…

श्रद्धांजलि.

Yashwant Mehta "Yash" ने कहा…

मैंने हबीब साहब द्वारा निर्देशित एक ही नाटक देखा हैं --- चरणदास चोर
दिल्ली विश्वविद्यालय की स्मृतियों में "चरणदास चोर" को देखना हमेशा शामिल रहेगा
गजब का अभिनय, शुरू से लेकर अंत तक बांध कर रखने वाला निर्देशन, शब्दों की कमी पड़ जाएगी, हबीब साहब को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि.

Suman ने कहा…

nice

मनोज कुमार ने कहा…

विनम्र श्रद्धांजलि।

संजय भास्कर ने कहा…

हबीब साहब को विनम्र श्रद्धांजलि।

राम त्यागी ने कहा…

श्रद्धांजलि !!

Bharat ने कहा…

रंग मंच का नुक्कड सूना,
................ श्रद्धांजलि

Bharat ने कहा…

आज ब्लाग जगत पर कोई अन्य पोस्ट नहीं है इस विषय पर। एक ही साल में सबनें भुला दिया!!!

कम से कम आपनें याद तो दिलाया.

माधव ने कहा…

nice

Sanjeet Tripathi ने कहा…

shraddhanjali unhe.

@khushdeep ji, han chhattisgarh me unhe aur bhi yad kiya ja raha hai isiliye IPTA raipur dwara 5 june se hi rashhtriya natya mahotsav ka aayojan kiya ja raha hai jiska aaj shaam samaapan hoga habib sahab ko shraddhanjali dete hue.

शिवम् मिश्रा ने कहा…

@ Bharat

http://burabhala.blogspot.com/2010/06/blog-post_08.html

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari ने कहा…

हबीब जी को याद करने के लिए बहुत बहुत धन्‍यवाद देव कुमार झा जी.

रवि कुमार, रावतभाटा ने कहा…

बेहतर...
बहुत खूब होता...अगर उन पर कोई गंभीर सामग्री भी दी जाती...

बहरहाल...उनकी स्मृति...
और आपका आभार...