शनिवार, 8 मई 2010

मैनेजर पुराण: भाग-१

विवेक भाई और उड़नतश्तरी जी को सादर प्रणाम करके मैनेजर पुराण-१ पोस्ट कर रहा हूँ.... वैसे घबराने की जरुरत नहीं है क्योंकि मैनेजरवा भी यह टिप्स अपने मैनेजर पर इस्तेमाल कर लेगा....

मैनेजर पुराण: भाग-१

परिभाषा
१. मैनेजर दुनिया का वह प्राणी है, जो सोचता है की नौ औरते मिलकर एक महीने में संतान उत्पन्न कर सकती हैं
२. यह ऐसा प्राणी है, जो आपको उसी टाइम पर बुलाएगा जब आप काफी का एक गरमा गरम कप लेकर अपनी डेस्क पर आये हो, और उसका काम उतनी ही देर में ख़त्म हो जायेगा जितनी देर में आपकी काफी ठंडी हो जाए....

३. इसकी आँखे केवल टार्गेट डेट देखती हैं
४. इसको चमचा-गिरी पसंद होती है, मगर एक लिमिट तक
५. अगर आप अपने मैनेजर के पहले ऑफिस से घर जा रहे हैं, तो फिर समझिये की आप गए... विधाता भी नहीं बचा सकता (यह उड़न तश्तरी जी की कुंडली से उठाया है, सो इसके द्वारा होने वाले उंच नीच के लिए कृपया कान्टेक्ट समीर लाल :)) )
६. कोई भी शहर हो कोई भी गाँव को मैनेजर की जात एक जैसी ही होती है
७. मैनेजर को इस धोके में रखना बहुत ज़रूरी है, की आप उसके वफादार हैं... गलती से भी उसको आपकी असलियत पता लगी... समझ लीजिये की आपकी बैंड बजी...
८. आपको भ्रम होगा की आपकी हरकतों पर वह ध्यान नहीं दे रहा है... मगर ऐसा नहीं है, वह आपकी हर गतिविधि पर पूरा ध्यान दे रहा है... बेचारे को यही करने के लिए तो मैनेजर बनाया है...
९. मैनेजर कभी भी आपसे रिपोर्ट मांग सकता है, तो हमेशा तैयार रहिये... गलत या सही अपना कान्फिडेंस बनाये रहिये. ससुरा अपने आप पट जायेगा.
१०. अगर आप अपने मैनेजर को पटा नहीं सकते, तो फिर उसको कन्फ्यूज़ करिए... अगर वह आपका बाप हुआ तो फिर कन्फ्यूज़ नहीं होगा, बल्कि आपकी ही लाइफ के बारह बजा देगा.... तो प्लीज़ टेक एक्स्ट्रा केयर हेयर
११. प्रमोसन पाने के लिए असरदार नुस्खा... मुझे एक असरदार सरदार ने दिया था... अपने मैनेजर को बोलिए... अगर तूने मेरे को प्रोमोसन नहीं दिया तो मैं जाके सबको बता दूंगा तो की मेरा प्रमोसन हो गया है.... बेचारा टेंसन में आ जायेगा
१२. अपनी सैलेरी और प्रमोसन का ज़िक्र अपने बॉस के अलावा और किसी से ना करिए...
१३. ऑफिस में होने वाली हर छोटी छोटी सी बातों पर कान और ध्यान दीजिये, क्या मालूम कौन सी बात कितनी ज़रूरी है..
१४. अपने कान एकदम साफ़ रखिये....
१५. मैनेजर की कोई भी कठोर बात एक कान से सुनिए दुसरे से निकाल दीजिये.... माई बाप है आपका
१६. याद रखिये बड़े बड़े तेनालिरामो, बड़े बड़े बीरबलों ने अपने बॉस को पटाकर ही अपना उल्लू सीधा किया था, सो उनके आदर्श अपने सामने रखिये
१७. अपने मैनेजर से जब भी बात करें, तो उसे बोलने दें.. क्योंकि वह भी अपने मैनेजरों से सुन के आ रहा है ना
१८. याद रखिये मैनेजरों के मैनेजरों से जितनी दूरी बना कर रख सकें उतना ज़रूरी है
१९. मैनेजर को इस छलावे में रखना ज़रूरी है की आप उसकी हर बात सुन रहे हैं... अगर उसको कहीं असलियत पटा लगी तो फिर जिम्मेदार आप खुद होंगे.
२०. याद रखिये, ऑफिस में ना कोई आपका दोस्त है और ना कोई दुश्मन... सारे आप ही की तरह हैं... अपना उल्लू सीधा करो और सुखी रहो.
२१. प्रोजेक्ट में डाक्य़ूमेंटेसन ऐसा करिए की वह आपके मैनेजर को समझ में ना आये... अगर गलती से वह समझ गया तो फिर आपको डबल काम करना पड़ेगा
२२. टार्गेट डेट कभी भी सही मत दीजिये, हमेशा अपना सहूलियत मार्जिन रखना ज़रूरी है
२३. चाय और काफी के ब्रेक में अगर मैनेजर साथ हो तो फिर गलती से भी क्रिकेट, हाकी गिल्ली डंडा वगैरह वगैरह का ज़िक्र आए तो भी चुप रहिये. केवल और केवल ऑफिस के काम का ज़िक्र आये तो ही अपना मुंह खोलिए
२४. जब आप कुछ नहीं कर रहे हो, तब भी आपका व्यस्त दिखना ज़रूरी है
२५. शराफत का लबादा ओढ़े रहिये, और अपनी गलती कभी भी मत मानिए...
२६. ऑफिस में अपने हिस्से ढेरों काम ले कर रखिये, आप पर लोग निर्भर रहे.... मगर आप अपना काम कर रहे हैं... मैनेजर का भरोसा बनाये रखिए
२७. मैनेजर का जन्मदिन और शादी की साल-गिरह, वगैरह वगैरह याद रखिये....
२८. ऑफिस में होने वाली हर लड़ाई... हर बहस... से दूर रखिये... कम से कम मैनेजर को पटा नहीं लगना चाहिए.
२९. ज़रूरत से ज्यादा ईमानदारी आपको ले डूबेगी... सो समझदारी से काम लीजिये
३०. याद रखो तुम्हारे आने के पहले भी ऑफिस का काम चलता था और तुम्हारे जाने के बाद भी चलता रहेगा... सो क्या नया जोड़ लिया और क्या छोड़ लिया....
३१. जब कोई नया मैनेजर आये, तो शुरूआती दिन बहुत ज़रूरी हैं, इससे पहले की आपका सहकर्मी फायदा उठा ले जाए आप आगे बढिए.
३२. मैनेजर की सत्य है और जगत मिथ्या... समझे की नहीं...
३३. जो बीत गया, सो बीत गया। अपने हाथ से कोई गलत काम हो गया हो तो भी पीछे नहीं हटना चाहिए.... अबे जो छुट्टी पे है या नौकरी छोड़ कर चला गया है उस पर दोष दल दो और क्या
३४. असंभव शब्द का इस्तेमाल बुजदिल करते हैं। बहादुर और बुद्धिमान व्यक्ति मैनजर को पटते हैं और अपना रास्ता खुद बनाते हैं।
३५. अपनी डेस्क पर फाइलें, पानी की कुछ बोतलें, ज़रूर रखें... फीलिंग आती है की आप काम काज करने वाले आदमी हैं
३६. कंप्यूटर का वाल-पेपर किसी भगवान् की फोटो लगा लें... बॉस सोचेगा की धर्म कर्म वाला आदमी है... वैसे इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है
३७. ऑफिस में जिसके पास मैनेजर का साथ है, उसके अनेक मित्र, भाई बन्धु हो जाते हैं
३८. उतना ही काम करो जितना ज़रूरी है... अगर गलती से भी ज्यादा काम करोगे तो फिर खुद तो मरोगे भी और अपने आने वाले को भी मारोगे...
३९. कंप्यूटर पर काम करो तो कम से कम पचास विंडो ओपन कर लो... इससे अगर कोई कंप्यूटर मानिटर देखेगा तो समझ जायेगा की आप कितना ज्यादा काम करते हैं
४०. मैनेजर का फोन, बीवी के फोन से ज्यादा जरुरी है.. सो कभी भी मिस मत करिए...

(अभी चालीसा मारा है, बाकी का गुरु मंत्र भी जल्दी ही दुंगा)

-देव


8 टिप्‍पणियां:

संजय भास्कर ने कहा…

बहुत खूब, लाजबाब !

संजय भास्कर ने कहा…

... बेहद प्रभावशाली है ।

Vivek Rastogi ने कहा…

अमा सोच रहे हैं कि कौन कौन से दाँव हम पर खेले जा रहे हैं और हम कौन कौन से खेल चुके हैं, पर ये सब गोपनीयता की श्रेणी में आता है, इसलिये आगे हमसे पूछा न जाये अभी तो ६१ बाकी हैं।

४० में ही स्थिती गंभीर हो चली है। :)

Vivek Rastogi ने कहा…
इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.
Udan Tashtari ने कहा…

हा हा!!

मस्त पुड़िया बना कर रख ली. काम आती रहेगी.


सटीक!!

शिवम् मिश्रा ने कहा…

"ॐ मैनेजराए नमः" का जाप भी किया करो वत्स !! बाकी प्रवचन बढ़िया दिए हो !! कल्याण होगा हर उस प्राणी का जो तुम्हारे प्रवचनों का श्रवण करेगा !! एसा हमारा आशीर्वाद है !!

राम त्यागी ने कहा…

हंस हंस के लोट पोट ...लग रहा है बार बार आना पड़ेगा इस ब्लॉग पर :)

संपर्क में रहिये जनाब :)

मनोज कुमार ने कहा…

अब का कहें, लगता है आप हमरे बात लिख दिए हैं।