शनिवार, 9 मार्च 2013

जय हर और जय हरि....


सभी मित्रों को महाशिवरात्रि की बधाई, महादेव की कॄपा समस्त विश्व पर बनी रहे। समस्त जग कल्याण की भावना व्याप्त रहे और संसार में सॄजनात्मकता का संचार हो और विद्रोह की भावना का अन्त हो। इस मौके पर आईए आपको आज दक्षिण काशी "हरि हरेश्वर" मंदिर के दर्शन कराएं जाएं। हरि और हर के एक साथ समाहित होनें के कारण यह पावन पूनीत तीर्थ स्थल अत्यन्त रमणीय बन चला है। मंद मंद आती हुई हवा और समुद्र की लहरों के बीच बसा यह एक छोटा सा ग्राम आपको भी भाएगा। 



हरि-हरेश्वर कैसे पहुंचे:

मुम्बई से :- मुम्बई, पनवेल,  गोवा हाईवे (एन एच-१७), वडखल नाका, मानगांव से दांए लीजिए और श्रीवर्धन हरिहरेश्वर के बोर्ड मिल जाएंगे।

(चित्र पर क्लिक करके बडे विन्डो में देख सकते हैं)

मानगांव से म्हस्ला तक का रास्ता ठीक है उसके बाद का रास्ता थोडा खराब है सो प्लान करते समय थोडा ध्यान दीजिएगा। 

कुछ चित्र:












सभी चित्र मनीषा जी की कलाकारी हैं, हम तो आदि बाबा के साथ व्यस्त थे....  




कहां ठहरें: 

महाराष्ट्र पर्यटन विभाग का रिसार्ट सबसे बेहतर जगह है, हरिहरेश्वर बीच रिसोर्ट भी बहुत सुन्दर है। हरिहरेश्वर में इसके अलावा कोई तीसरी जगह मुझे नहीं दिखी। यहां से पन्द्रह किमी दूर श्री-वर्धन में रुकने के लिए कई अच्छी जगह हैं।  

मुम्बई के नजदीक होनें के कारण सप्ताहांत के लिए यह बहुत अच्छी जगह है। 

2 टिप्‍पणियां:

शिवम् मिश्रा ने कहा…

जय हो ... ज़िन्दगी ने कभी मौका दिया तो एक ऐसी ही ट्रिप पर चलेंगे हम सब !

देव कुमार झा ने कहा…

ज़रूर ज़रूर...